चक्रपाणीची आरती
करुनि आरती | आता ओवाळू श्रीपती ॥ आजि पुरले नवस | धन्य जाला हा दिवस ॥ धृ ॥
पाहा वो सकळा| पुण्यवंता तुम्ही बाळा ॥ आजि पुरले नवस| धन्य जाला हा दिवस ॥ १ ॥
तुका वाहे टाळी| होता सन्निध जवळी ॥ आजि पुरले नवस| धन्य जाला हा दिवस ॥ २ ॥
CHAKRAPANICHI ARATI